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Pradosh Vrat (प्रदोष व्रत) 2022 शिव और सिद्ध योग इस मुहूर्त में करें शिव पूजा।


प्रदोष व्रत 12 जून को मनाया जाता है इसी रवि प्रदोष व्रत के दिन 20 होते हैं इस दिन शिव योग और सिद्ध बन रहे हैं और दोष पूजा मुहूर्त के बारे में आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से आपको बताएंगे।

जेष्ठ मास शुक्ल पक्ष का प्रदोष व्रत होता है। इन शुभ योगों को मांगलिक कार्य के लिए अच्छे माने जाते हैं।

जी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट बताते हैं कि रवि प्रदोष व्रत रखने से उत्तम स्वास्थ्य लंबी उम्र व आरोग्य प्राप्त होता है वैसे प्रदोष व्रत रखने से भगवान अपने भक्तों को धनसंपदा आयु वरन बल देना पुत्र की प्राप्ति सुख प्राप्ति सौभाग्य प्राप्ति आदि प्रदान करते हैं। 12 जून को हमें प्रदोष पूजा 2 घंटे के लिए शुभ समय प्राप्त होता है ।

रवि प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्त 2022

इस पूजा को शाम 7: 19 बजे से रात्रि 9:20 तक पूजा का मुहूर्त है। आप भगवान को प्रसन्न कर अपनी मनोकामना को पूरा कर सकते हैं। दिन अर्थात 12 जून रात्रि 11:58 बजे से अगली सुबह 5:23 एम तक इसके व्रत की पूजा की जा सकती है।

प्रदोष व्रत तिथि 2022

प्रदोष व्रत 12 जून सुबह 3:23 एम से अगले दिन सोमवार को 12:26 AM त्रयोदशी तिथि प्रदोष व्रत रखा जा सकता है।

रुद्राभिषेक की तिथि व समय

किस समय शिवास देखा जाता है तभी रुद्राभिषेक कराया जाता है इसी तिथि को शिवास नदी पर रात के 12: 26 पर हो रहा है नदी पर विराजमान शिव का रुद्राभिषेक लोगों के लिए शुभ माना जाता है। शिवास कैलाशपुर हो रहा है कैलाश पर श्रीवास के समय भी रुद्राभिषेक कर सकते हैं।

प्रदोष व्रत करने का क्या महत्व है?

यह माना जाता है की त्रयोदशी तिथि एकादशी तिथि के दिन शाम को भगवान शिव कैलाश पर्वत पर प्रसन्न होकर नृत्य करता है इस वजह से शाम को प्रदोष मुहूर्त में शिव कृपा प्राप्त करने के लिए शिव पूजा की जाती है।
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