बूटिंग (booting) & मैनेजिंग डिस्क पार्टिशन

बूटिंग (booting) & मैनेजिंग डिस्क पार्टिशन

बूटिंग प्रोसेस क्या है? (What is n Booting Process ?)

जब कम्प्यूटर को चालू किया जाता है तो ROM में संग्रहित बेसिक इनपुट-आउटपुट सिस्टम (BIOS) फाइल, कम्प्यूटर के समस्त इनपुट-आउटपुट उपकरणों की जाँच करती है। हार्डडिस्क से MSDOS ऑपरेटिंग सिस्टम RAM में जाती है तथा तीन फाइलें 10.SYS, MSDOS.SYS और COMMAND.COM आदि भी RAM में लोड की जाती है। यह कार्य कम्प्यूटर चालू करने पर कुछ ही सैकण्ड में पूरा हो जाता है। 

बूटिंग प्रोसेस को निम्न प्रकार प्रदर्शित किया जाता है-

AUTOEXEC.BAT-

  • यह एक आसकी (ASCII) फाइल है जिसमें DOS कमाण्ड की श्रृंखला उपस्थित होती है। जैसे ही कम्प्यूटर चालू किया जाता है यह स्वतः ही एक के बाद एक चालू हो जाती है। 
  • यदि हम इस फाइल में कोई कमाण्ड लिखते हैं तो यह आवश्यक नहीं है कि उस कमाण्ड को बार-बार लिखा जाये।
  • उदाहरणतया PATH-C: LOTUS: C:\WS4%B CAMOUSE;
  • कम्प्यूटर चालू करते ही AUTOEXE.BAT फाईल सर्वप्रथम स्वत: ही लोड होती है।

CONFIG SYS : 

  • यह भी एक आसकी (ASCII) फाइल है जो कम्प्यूटर में स्वत: ही लोड़ होती है।
  • यह कम्प्यूटर का प्रारम्भिक संगठन को सैट करता है। यह कम्प्यूटर की हार्डडिस्क में मूल (Root) डायरेक्टरी में उपस्थित होती है और आवश्यकता अनुसार 
  • इसका उपयोग कर लिया जाता है। इस फाइल का उपयोग निम्न फाइलों में होता है-
    • BUFFERES   
    • DEVICE
    • FILES
    • LASTDRIVE
    • COUNTRY

एक्सिक्युटेबल फाइल (EXECUTABLE Files) 

  • वह फाइल जिसमें एक्सिक्युटेबल निर्देश होते हैं, एक्सिक्युटेबल फाइल कहलाती हैं। 
  • यह आब्जेक्ट फाइल होती है और इनमें 0 व 1 की श्रेणियाँ होती हैं।

मैनेजिंग डिस्क पार्टिशन

जब डिस्क की भण्डारण क्षमता अधिक होती है तो उसके स्टोरेज स्पेस को अच्छे तरीके से व्यवस्थित करने के लिये डिस्क का विभाजन किया जाता है जिसे डिस्क ड्राइव कहते हैं।

डिस्क विभाजन के लाभ।

  1. इसमें विशेष समूह की फाइलें तथा डायरेक्ट्री को एक ड्राइव में रख सकते हैं।
  2. यदि किसी ड्राइव में कोई परेशानी आ जाती है तो पूर्ण डिस्क कार्य करना बन्द नहीं करती है। केवल वही ड्राइव कार्य बन्द करती है जिसमें परेशानी या त्रुटि है। डिस्क विभाजन से सम्बन्धित कार्य ऑपरेटिंग सिस्टम लोड करते समय किये जाते हैं ।

डिस्क फॉरमेटिंग (Disk Formatting)

  • जन्न सिस्टम में नई डिस्क प्रयोग करते हैं तो वह इस लायक नहीं होती है कि उसमें डेटा स्टोर कर सके, इसके लिये सर्वप्रथम डिस्क का विभाजन किया जाता है, उसके पश्चात उसमें ट्रेक तथा सेक्टर बनाये जाते हैं। 
  • ट्रेक तथा सेक्टर बनाने की प्रक्रिया डिस्क फॉरमेटिंग कहलाती है। 
  • डिस्क फॉरमेटिंग से सम्बन्धित कार्य डॉस की बाहा कमाण्ड (Format) के द्वारा किया जाता है।

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